जब बड़े शहर में अकेले रहना पड़े.

 

अपने परिवार को छोड़कर एक बड़े शहर में अकेले रहना किसी भी महिला के लिए आसान नहीं होता। खासकर तब, जब आप परिवार की लाडली हों.

हमारे देश में लड़कियों के लिए परिवार एक सुरक्षा कवच की तरह की काम करता है. पापा की परी बनकर जितना खास वह महसूस करती है, उतना खास वों बहुत कम लोगों के लिए बन पाती है. ऐसे में जब आपको किसी भी वजह से अपने परिवार से दूर अकेले रहना पड़े तो यह काफी मुश्किलों भरा होता है. लेकिन कुछ बातों को ध्यान में रखकर उन तमाम मुश्किलों को कुछ कम ज़रूर किया जा सकता है.

  1. पड़ोसियों से दोस्ती करें। 

 

अपने पड़ोसियों को अपना दोस्त बनाये। बड़े शहर में अकेले किसी भी तरह के नकारात्मक हालातों से निपटने के लिए पड़ोसी बहुत बड़ा सहारा साबित होते है.

कुछ नया व्यंजन बनाएं तो उनको ज़रूर चखाऐं। अगर उन्हें आपकी मदद की जरूरत हो तो पीछे न हटे, क्योंकि अपने घर से दूर अब यही आपका नया  परिवार बन सकता है.


  1. अच्छा साहित्य पढ़े.

     

यह वक़्त खुद को एक नया रूप देने का होता है इसीलिए अपने ज्ञान को बढ़ाये। अच्छी किताबें पढ़े. और अपना ज़्यादातर खाली समय पढ़ने में बिताएं। इससे समय भी अच्छे से बीतेगा और आपके ज्ञान और व्यक्तित्व में भी बहुत इज़ाफ़ा होगा.


  1. रोज़ आने-जाने के रास्ते याद रखें।

     

नए शहर के नए रास्तों को बहुत जल्दी समझना आसान नहीं होता, ऐसे में जिन रास्तो से आपको रोज़ गुज़रना है उन्हें याद करलें। जैसे ऑफिस से घर आने-जाने का रास्ता. एकदम से किसी शॉर्टकट सुनसान रास्ते  पर जाने से बचें। पूरा शहर घूमें, लेकिन अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए.   


  1. किसी भी अनजान से एकदम से दोस्ती करने से बचे.

     

नया शहर-नये दोस्त, ये तो रीत है दुनिया की लेकिन किसी से भी दोस्ती बढ़ाने से पहले उसके बारे में थोड़ा जान लेना सही होगा. दोस्त होंगे तो उनके साथ बाहर आना-जाना भी होगा और अगर उनकी संगत ग़लत हुई तो अनजाने में आप खुद भी ग़लत बनते चले जाएंगे, क्योंकि परिवार का मार्गदर्शन यहाँ आपके साथ नहीं होगा.    


  1. परिवार के लोगों से संपर्क में रहे.

     

आपकी फ़िक्र आपसे ज़्यादा आपके परिवार को होती है. इसीलिए अपनी दिनचर्या के बारे में उनको बताते रहे. फ़ोन कॉल्स, वीडियो कॉल्स और मैसेज के ज़रिये उनसे जुड़े रहें।  बेशक़ आपको आज़ादी मिली है लेकिन इसे सबसे दूर होने की वजह न बनाएं।   


  1. हर किसी से अपनी दिनचर्या साझा ना करें.

     

लोकल ट्रैन या बस में आपको ऐसे कई लोग मिलेंगे जिनका व्यवहार बहुत दोस्ताना होता हैं. कई लोग तो बातों ही बातों में आपसे बहुत क़रीब हो जाते है. लेकिन ऐसे हालातो में कभी भी अपनी हर छोटी से छोटी जानकारी उनसे ना बांटे। क्योंकि किसी के मन की टोह आपको इतनी आसानी से पता नहीं चल सकती. 


  1. अपने पसंदीदा पालतू जानवर को पालें।

     

आप ऑफिस से अपने घर लौटें और कोई वहां कोई आपको आपका इंतज़ार न करता हुआ मिले तो मन बहुत उदास हो जाता है. आपको ये अकेलापन खाने लगता है. ऐसे में एक पालतू को अपना साथी बनाये. इससे आपको दो फ़ायदे होंगे- एक तो आपका अकेलापन थोड़ा कम होगा, और दूसरा आप जिम्मेदार भी बनेंगे क्योंकि यहाँ आपको ही आपके नन्हे दोस्त का ख्याल रखना होगा.      


  1. सोशल मीडिया पर अपनी हर एक्टिविटी को अपडेट न करें।

     

आजकल ज़्यादातर हम अपना वक़्त फ़ोन में सोशल मीडिया सर्फिंग करते हुए बिताते है इसीलिए अपनी हर छोटी बड़ी एक्टिविटी को फेसबुक-इंस्टाग्राम पर अपडेट करना भी अधिकांश का प्रिय शग़ल बनता जा रहा है. इसमें बहुत बुरा कुछ भी नहीं है लेकिन कुछ लोग इसके ज़रिये आपके जीवन में घुसपैठिये बनकर आ जाते है और आपको पता भी नहीं चलता. अनजान शहर में आप सुरक्षित रहें, इसीलिए ऐसा करने से बचे. 


  1. अपने फ़ोन में हर इमरजेन्सी नंबर को रखना न भूले.

     

कोई भी मुसीबत कहकर नहीं आती. इसीलिए अपने फ़ोन में हर मुमकिन इमरजेंसी नंबर को सबसे ऊपर रखें, जैसे 100, 108, महिला हेल्पलाइन नंबर और नए शहर में अपने किसी करीबी का नंबर। 


  1. परिवार की याद में अपनी सेहत और खानपान का ख्याल रखना ना भूले.

     

घर से दूर घर की याद बहुत बेचैन करती है. किसी भी चीज़ भी मन लगाना बहुत मुश्किल होता है. कुछ तो अवसाद का शिकार भी हो जाते है. लेकिन आप यह ना भूलें की ये नौकरी आपको बहुत मेहनत से हासिल हुई है और भावनाओं में बहकर इस मौके को गवाऐं नहीं. अपनी सेहत और खाने का विशेष ध्यान रखें। 


  1. अपने शौक़ को पूरा

     

अपने अंदर के यात्री को जगाएं, शहर में अच्छी जगह घूमने जायें, फ़ोटोग्राफ़्स लें. नया क्विज़िन अपनाएं। अपनों के लिए उपहार लें. नृत्य-गायन या वादन सीखें। कुछ नया खेल सीखे जिससे आपको आपका नया वर्ज़न देखने को मिले. 

 

चूँकि शहर नया है इसीलिए आपका नया होना भी ज़रूरी है.

 

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